Bihar And Orissa Public Demand Recovery Act 1914 Pdf In Hindi 【2025】

यहाँ बिहार और उड़ीसा लोक मांग वसूली अधिनियम, 1914 (Bihar and Orissa Public Demand Recovery Act, 1914) की मुख्य धाराओं और प्रक्रिया पर आधारित एक कहानी दी गई है, जो इस कानून के प्रावधानों को सरल भाषा में समझाती है

धारा 8 – आपत्ति का निर्णय

यदि देनदार आपत्ति करता है (जैसे – "मेरा बकाया नहीं है" या "राशि गलत है"), तो प्रमाणकारी अधिकारी सुनवाई करता है। यह ध्यान रखने वाली बात है कि यहां साधारण अदालत की पूरी प्रक्रिया नहीं होती है – यह एक अर्ध-न्यायिक (quasi-judicial) प्रक्रिया है।

, you have the right to file a written statement denying your liability. We will prove this debt is an error."

specifically for this Act to ensure transparency in the recovery of public funds. India Code (Hindi/Bilingual Amendments)

वसूली की प्रक्रिया (Step-by-Step)

  1. बकाया नोटिस: सबसे पहले देनदार को नोटिस भेजी जाती है।
  2. सर्टिफिकेट जारी: यदि वह चूक करता है, तो प्रमाण-पत्र जारी किया जाता है।
  3. नोटिस ऑफ डिमांड: धारा 7(2) के तहत नोटिस।
  4. आपत्ति का अवसर: देनदार 30 दिन में आपत्ति दे सकता है।
  5. अंतिम आदेश: यदि आपत्ति खारिज हुई, तो वसूली प्रक्रिया शुरू।
  6. वसूली का साधन: कुर्की, नीलामी, गिरफ्तारी।

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